top of page
Search

जानकारी माउंट आबू की - इतिहास और देखने लायक स्थान



माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है। ये स्थान अरावली के पथरीले पठार पे ऊंचाई पे घने जंगलो से घिरा हुआ है। इस जगह की शांत जलवायु और ऊँचे पहाड़ पर्यटकों को आकर्षित करते है।


इतिहास


माउंट आबू राजस्थान का एक मात्र हिल स्टेशन है और यहाँ के प्राचीन जैन मंदिर खास का देलवाड़ा जैन मैं बहुत जाना माना है।

पौराणिक कथाओ के अनुसार जब महामुनि वशिष्ठ ने धरती के असुरो के विनाश के लिए महायज्ञ किया था तब जैन तीर्थंकर महावीर यहाँ आये थे। और इस किवदंती के बाद माउंट अभी जैन धर्म मानने वालो के लिए एक प्रमुख धार्मिक जगह बन गयी।


माउंटआबू का प्राचीन नाम अर्बुदांचल है. धार्मिक पुराणों में इस स्थान का ज़िक्र अर्बुदारण्य के नाम से आता है, जिसका मतलब होता है ‘अर्बुद का जंगल’. और आबू इसी ‘अर्बुदारण्य’ शब्द से निकला हुआ नाम है.


एक यह भी किवदंती है की इस पहाड़ का नाम हिमालय के पुत्र अर्बुऐडा के नाम से पड़ा। जो एक शक्तिशाली साप था जिसने भगवान शिव के बेल नंदी की जान बचाई थी खाई में गिरने से। बाद में धीरे धीरे इसका आबू हो गया। लोकगीतों में यह बताया जाता है की इस पर्वत पे देवी देवता भी भ्रमण के लिए आते है और महामुनि वशिष्ठ की ये तपो भूमि रही है। गुरु वशिष्ठ ने अवकाश प्राप्त कर माउन्ट आबू के दक्षिणी क्षेत्र में अपना शेष जीवन व्यतीत किया था।

ये घने जंगलो से घिरे हुए होने और कठिन पर्वतीय शंखरला होने के कारन कभी इसपे हमला नहीं हुआ न कोई विदेशी आक्रमणकरि यहाँ आया।


mount abu suhil rawal
mount abu


आधुनिक इतिहास के बात करे तो माउंट आबू भीलो, सोलंकियो, और देवड़ाओ के शाशन का हिस्सा रहा। और यहाँ के देलवाड़ा जैन मंदिर का निर्माण सोलंकियो के के समय में ही हुआ था।

देवड़ा वंश के राजा राव लुम्बा ने इसपे विजय प्राप्त करके इसके निकट चंद्रावती को अपनी राजधानी बनाया था। जो बाद में ईस्वी १४०५ में राव सेशमल ने चंद्रावती को हटा कर सिरोही की अपनी राजधानी बनाया।


ब्रिटिश राज के उदय के साथ ये गिरषमकालीन राजधानी माने जानी लगी और पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हुआ।


पश्चिमी भारत में राजस्थान राज्य की अरावली पर्वत शंखरला में गुरु शिखर सर्वोच्च शिखर है यह सिरोही जिले में स्थित है पहाड़ 9 किमी चौड़ी तक 22 किमी लंबा एक विशिष्ट पथरीले पहाड़ का निर्माण करता है जिसकी ऊंचाई 1722 मीटर है।


पूरे वर्ष माउंट अबू में खुशनुमा वातावरण बना रहता है । राजस्थान की भीषण गर्मियों में यहाँ का तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है और सर्दियों में यह 2 से 18 डिग्री सी के बीच होता है। सर्दियों में कभी कभी नलों का पानी जमना या घास पे हलकी बर्फ जमना आम बात है । आस पास के इलाके से वर्षा भी यहाँ सर्वाधिक होती है।


माउंट अबू राजस्थान के दक्षिण में गुजरात के सीमा के समीप है। यहाँ पहुंचने के लिए निकटम रेलवे स्टेशन अबू रोड है और निकटम हवाई अड्डा उदयपुर १८० किलोमीटर और अहमदाबाद २२० किलोमीटर है।


माउंट आबू के देखने लायक जगह

१. देलवाड़ा जैन मंदिर

२. गुरु शिखर

३. गोमुख

४.अर्बुदा देवी मंदिर

५. ट्रेवर टैंक

६. टॉड रॉक

७. रघुनाथ मंदिर

८. यूनिवर्सल पीस हॉल

९. अचलगढ़ किल्ला

१०. सनसेट पॉइंट








147 views0 comments

Comentarios


bottom of page